आसाराम की 'करतूतों' का खुलासा करने वाली पत्रकार की दास्तां...
1992 के उज्जैन सिंहस्थ के बाद आसाराम का प्रभाव बढ़ गया था, उनके भक्तों की संख्या बढ़ गई थी. नेता, प्रशासन, मीडिया भीडतंत्र के आगे अपनी सीमाएं खींच लेते हैं. दूसरा महिलाओं का खुलकर सामने नहीं आना, ऐसे गुनाहगारों का काम और आसान कर देता है.from Latest News देश News18 हिंदी https://ift.tt/2vRIM10
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